भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद विवाह पंजीयन को लेकर बड़ा बदलाव होगा। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार 23 सितंबर 2008 के बाद हुए सभी अपंजीकृत विवाहों का एक वर्ष के भीतर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा के भीतर पंजीयन नहीं कराने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी समुदायों के लिए समान नियम लागू होंगे। बेटी और बेटे को समान उत्तराधिकार अधिकार मिलेंगे तथा बहुविवाह पर रोक रहेगी। सरकारी योजनाओं, नौकरी में पारिवारिक लाभ और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में विवाह प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाएगा। प्रस्ताव में लिव-इन संबंधों के पंजीयन का भी प्रावधान किया गया है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

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