किसके पास कितनी कृषि भूमि, कितने मकान और कितनी व्यावसायिक संपत्तियां?
विशेष खोजी रिपोर्ट | प्रणव बजाज
भोपाल। बौद्धिक प्रतिकार की विशेष खोजी श्रृंखला के तीसरे एपिसोड में अब सबसे अधिक घोषित संपत्ति वाले विधायकों की अचल परिसंपत्तियों की दस्तावेज़ी पड़ताल शुरू की जा रही है। चुनाव आयोग के समक्ष दायर शपथ-पत्रों से स्पष्ट होता है कि करोड़ों रुपये की घोषित संपत्ति केवल नकदी या बैंक जमा तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, मकानों, फ्लैटों, व्यावसायिक भवनों और अन्य अचल परिसंपत्तियों में भी फैली हुई है।
दस्तावेज़ों से सामने आए प्रमुख तथ्य
1. चैतन्य कश्यप (रतलाम शहर)
घोषित कुल संपत्ति लगभग ₹296.08 करोड़। शपथ-पत्र के अनुसार उनकी अधिकांश घोषित संपत्ति अचल परिसंपत्तियों में है। व्यक्तिगत नाम पर कृषि भूमि नहीं, जबकि परिवार (एचयूएफ) के माध्यम से कृषि भूमि दर्ज है।
2. संजय शुक्ला (इंदौर-1)
घोषित कुल संपत्ति लगभग ₹217.41 करोड़। शपथ-पत्र में चल और अचल दोनों प्रकार की परिसंपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें भूमि और भवन प्रमुख हैं।
3. संजय शर्मा (तेंदूखेड़ा)
घोषित कुल संपत्ति लगभग ₹212.52 करोड़। उनके शपथ-पत्र में कृषि भूमि सहित विभिन्न अचल परिसंपत्तियों का उल्लेख है।
4. विशाल जगदीश पटेल (देपालपुर)
घोषित कुल संपत्ति लगभग ₹141.76 करोड़। घोषित संपत्ति में अचल परिसंपत्तियों का बड़ा हिस्सा शामिल है।
पड़ताल में क्या सामने आ रहा है?
अब तक के अध्ययन से यह स्पष्ट है कि सर्वाधिक संपत्ति घोषित करने वाले कई विधायकों की कुल परिसंपत्तियों का बड़ा हिस्सा भूमि, भवन और अन्य अचल संपत्तियों में है। कई मामलों में चल संपत्तियों की तुलना में अचल संपत्तियों का मूल्य अधिक दिखाई देता है।
अब बौद्धिक प्रतिकार करेगा अगली जांच
किस विधायक के पास सबसे अधिक कृषि भूमि है?
किसके पास सबसे अधिक आवासीय मकान और फ्लैट हैं?
किसके पास सबसे अधिक व्यावसायिक भवन और दुकानें हैं?
किस विधायक की संपत्तियां एक से अधिक जिलों में फैली हुई हैं?
चुनाव-दर-चुनाव अचल परिसंपत्तियों में कितना बदलाव आया?
इन सभी प्रश्नों का उत्तर चुनाव आयोग के शपथ-पत्रों और सार्वजनिक अभिलेखों के विस्तृत अध्ययन के आधार पर क्रमवार प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के समक्ष उम्मीदवारों द्वारा दायर शपथ-पत्रों एवं सार्वजनिक अभिलेखों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है। यदि किसी जनप्रतिनिधि को किसी तथ्य पर स्पष्टीकरण देना हो, तो बौद्धिक प्रतिकार उसे समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
*कल पढ़िए – एपिसोड 4
"किस विधायक के बैंक खातों में सबसे अधिक राशि, किसके पास सबसे ज्यादा सोना, वाहन और वित्तीय निवेश?"
**केवल दस्तावेज़... केवल तथ्य... केवल बौद्धिक प्रतिकार।**

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