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सुमित मंत्री के खुलासे से सट्टा नेटवर्क की परतें खुलीं, नष्ट डायरी के फोटो बने अहम सबूत*


प्रणव बजाज


इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े ड्रग्स और कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्रकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस की पूछताछ में अब प्लॉट सौदों, मोबाइल डेटा और कथित सट्टा नेटवर्क से जुड़े नए पहलुओं की जांच की जा रही है। इस क्रम में सुमित मंत्री से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।



जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार सुमित मंत्री को शुभम वैली स्थित प्लॉटों के लेन-देन के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ में उसने बताया कि प्लॉट सौदों का पूरा हिसाब एक डायरी में दर्ज किया जाता था। मामला सामने आने के बाद संबंधित डायरी नष्ट कर दी गई, लेकिन उसके कुछ फोटो मोबाइल फोन में सुरक्षित रह गए, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस के मुताबिक सुमित मंत्री ने यह भी बताया कि शुभम वैली के दो प्लॉट प्रारंभिक रूप से 10-10 हजार रुपये नकद लेकर सुमित पटेल के नाम बुक किए गए थे। इस संबंध में उपलब्ध दस्तावेज और अन्य जानकारी भी पुलिस को सौंपी गई है। पूछताछ के दौरान उसके भांजे के बयान भी दर्ज किए गए, जिन्होंने कई तथ्यों की पुष्टि की है। पुलिस अब इन दस्तावेजों का मिलान पहले से उपलब्ध साक्ष्यों से कर रही है।


डीसीपी ने बताया कि मामले में नाना पटवारी और भरत पटवारी से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। अब सुमित मंत्री के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर भरत पटवारी को दोबारा दस्तावेजों सहित पूछताछ के लिए बुलाया गया है, ताकि सभी तथ्यों का मिलान किया जा सके।


दूसरी ओर, पुलिस संजय उर्फ रॉनी कौशल से जुड़े कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस मामले में दिनेश उर्फ लल्ला उर्फ यशवर्धन चौहान से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है। जांच में धर्मेंद्र खींची, मनीष उर्फ मन्नी और निखिल चौहान सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है।


जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट, बैंक खातों और यूपीआई लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित सट्टेबाजी नेटवर्क कितना व्यापक था और क्या उसका किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध है।


पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की तथ्यात्मक पुष्टि के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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