महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब अंडाशय से निकलने वाले अंडे को गर्भाशय तक पहुंचाने का काम करती है। यदि यह ट्यूब एक या दोनों तरफ से ब्लॉक हो जाए तो अंडा और शुक्राणु का मिलन नहीं हो पाता, जिससे गर्भधारण में कठिनाई आती है। यही कारण है कि ट्यूब ब्लॉक होना महिला बांझपन के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार ट्यूब ब्लॉक होने पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। अक्सर इसका पता तब चलता है, जब लंबे समय तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता। कुछ महिलाओं में लगातार पेल्विक दर्द, मासिक धर्म के दौरान अधिक दर्द, संक्रमण या असामान्य योनि स्राव जैसे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं।
ट्यूब ब्लॉक होने के प्रमुख कारणों में पेल्विक संक्रमण, यौन संक्रमण, एंडोमेट्रियोसिस, पेट या श्रोणि की सर्जरी के बाद बने चिपकाव और क्षय रोग (टीबी) शामिल हो सकते हैं। इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सक एचएसजी (हिस्टेरोसैल्पिंगोग्राफी), सोनोसैल्पिंगोग्राफी, लैप्रोस्कोपी या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
इलाज ब्लॉकेज के कारण और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में दवाओं या सर्जरी से समस्या का समाधान हो सकता है, जबकि अधिक गंभीर स्थिति में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) जैसी सहायक प्रजनन तकनीकों की जरूरत पड़ सकती है।

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