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भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड को रेडियोलॉजी विभाग में स्थानांतरित किए जाने के फैसले का गैस पीड़ित संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। संगठनों का आरोप है कि यह निर्णय मरीजों की जान जोखिम में डालने वाला है और इससे आपातकालीन उपचार प्रभावित होगा।
प्रदर्शन कर रहे गैस पीड़ित संगठनों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड ऐसी जगह होना चाहिए, जहां गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। उनका आरोप है कि रेडियोलॉजी विभाग में वार्ड स्थानांतरित करने से मरीजों को समय पर इलाज मिलने में परेशानी होगी और आपात स्थिति में उनकी जान को खतरा बढ़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में बदलाव मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर होना चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे उपचार व्यवस्था प्रभावित हो।
वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्ड के स्थानांतरण का निर्णय अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि मरीजों के उपचार और आपातकालीन सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
गैस पीड़ित संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इमरजेंसी वार्ड को पुराने स्थान पर बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

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