देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। उद्देश्य यह है कि भविष्य में एनटीए की परीक्षाएं संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तरह अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बन सकें।
सूत्रों के अनुसार परीक्षा संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा की जा रही है। विशेष रूप से ओएसएम प्रणाली की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
नई व्यवस्था में परीक्षा केंद्रों की निगरानी को और सख्त बनाया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा में चूक पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जवाबदेही तय करने के लिए स्पष्ट मानक भी तैयार किए जा रहे हैं।
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार और एनटीए परीक्षा प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाने पर विशेष जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में तकनीकी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों के चयन और संचालन प्रक्रिया में सुधार की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित सुधार प्रभावी ढंग से लागू हुए तो परीक्षाओं की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों का विश्वास दोनों मजबूत होंगे। साथ ही किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
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