किन्शासा। अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला वायरस का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले लगभग दो महीनों में इस महामारी से 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह हाल के वर्षों में इबोला का सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप माना जा रहा है।
इस बार संक्रमण बुंडीबुग्यो (Bundibugyo) वैरिएंट के कारण फैल रहा है, जिसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत टीका या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि वास्तविक संक्रमितों और मृतकों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि संघर्ष प्रभावित इलाकों में कई मामले दर्ज ही नहीं हो पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कांगो के पूर्वी हिस्सों में जारी हिंसा, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले, स्थानीय समुदायों का विरोध, संपर्क में आए लोगों की पूरी निगरानी न हो पाना तथा दवाओं और संसाधनों की कमी के कारण संक्रमण पर नियंत्रण बेहद कठिन हो गया है। बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ रहा है।
डब्ल्यूएचओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां कांगो सरकार के साथ मिलकर संक्रमण रोकने, मरीजों के उपचार और निगरानी अभियान चला रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह प्रकोप और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

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