नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार 12वें दिन ईरान में हवाई हमले किए। अमेरिकी हमलों में पुलों और ऊर्जा ढांचे सहित कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, ताजा हमलों में दो लोगों की मौत हुई है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के एक पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाएगा। इसके बाद अमेरिकी हमलों का दायरा और व्यापक होता दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनसे क्षेत्रीय समुद्री मार्गों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पैदा हो रहा है। वहीं ईरान ने इन हमलों की निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रहती है, तो पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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