अधिक चीनी वाले पेय बढ़ा सकते हैं मोटापा, दांतों की समस्या और मधुमेह का खतरा
लाइफस्टाइल डेस्क। रंग-बिरंगे और मीठे पेय बच्चों को खूब पसंद आते हैं। कई बार माता-पिता भी इन्हें सामान्य पेय समझकर नियमित रूप से बच्चों को दे देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक मात्रा में मीठे पेय का सेवन बच्चों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
इन पेयों में अक्सर अत्यधिक चीनी, कृत्रिम रंग, स्वाद बढ़ाने वाले तत्व और संरक्षक मिलाए जाते हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में मोटापा, दांतों में सड़न, ऊर्जा का असंतुलन और आगे चलकर मधुमेह जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की प्यास बुझाने के लिए सादा पानी, दूध, ताजे फलों का बिना अतिरिक्त चीनी वाला रस, नारियल पानी या घर पर बने प्राकृतिक पेय बेहतर विकल्प हैं।
यदि कभी-कभार मीठे पेय दिए भी जाएं, तो उनकी मात्रा सीमित रखें और उन्हें दैनिक आदत न बनने दें। साथ ही बच्चों को संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त पानी पीने की आदत डालना उनके स्वस्थ विकास के लिए बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी पैक्ड पेय को खरीदने से पहले उसके पोषण संबंधी विवरण और चीनी की मात्रा अवश्य पढ़ें, ताकि बच्चों को अनावश्यक रूप से अधिक चीनी का सेवन न करना पड़े।

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