सेवानिवृत्त विमानों के पुर्जों से मजबूत होगा भारतीय बेड़ा, लड़ाकू क्षमता बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ा भारत
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के जगुआर लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण में नए इंजन मिलने में हो रही देरी के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। ब्रिटेन ने अपने नौ सेवानिवृत्त जगुआर लड़ाकू विमान भारत को सौंप दिए हैं। इन विमानों का उपयोग उड़ान के लिए नहीं, बल्कि इनके महत्वपूर्ण पुर्जों को निकालकर भारतीय वायुसेना के सक्रिय जगुआर बेड़े के रखरखाव और संचालन में किया जाएगा।
भारत वर्तमान में दुनिया का एकमात्र देश है जो जगुआर लड़ाकू विमानों का नियमित संचालन कर रहा है। चूंकि इन विमानों का उत्पादन वर्षों पहले बंद हो चुका है, इसलिए स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इसी कारण भारत ने पहले फ्रांस और ओमान से भी सेवानिवृत्त जगुआर विमान प्राप्त किए थे और अब ब्रिटेन से मिले विमानों के पुर्जों का भी उपयोग किया जाएगा।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। नए इंजन और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक इन पुर्जों के सहारे जगुआर बेड़ा प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहेगा।
भारतीय वायुसेना के लिए जगुआर अब भी गहरे प्रहार करने वाले महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में शामिल है। ऐसे समय में जब सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, पुराने विमानों के रखरखाव के लिए अपनाई गई यह रणनीति भारत की व्यावहारिक और दीर्घकालिक रक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

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