पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में राजनीतिक और जनाक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और उन्होंने पाकिस्तान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 9 जुलाई को व्यापक और निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगा। हाल के दिनों में संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और इंटरनेट प्रतिबंधों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि नागरिक अधिकारों का हनन, मनमानी गिरफ्तारियां और प्रशासनिक दमन अब असहनीय हो चुका है। विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की भी खबरें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई के दौरान जनहानि और बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया गया है।
उधर, पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई ऐसा संकेत नहीं मिला है जिससे यह लगे कि प्रदर्शनकारियों की सभी प्रमुख मांगें तत्काल स्वीकार की जाएंगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई समाधान नहीं निकलता, तो क्षेत्र में आंदोलन और व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है। इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

Post a Comment