नई दिल्ली। 10 जुलाई को सोना और चांदी के दामों में पूरे दिन जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह जहां दोनों कीमती धातुओं में तेजी का माहौल था, वहीं बाद के कारोबार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों में गिरावट आ गई। इसी वजह से बाजार में सोने-चांदी के भाव 'रोलर-कोस्टर' की तरह ऊपर-नीचे होते रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की चाल, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की खरीद-बिक्री और व्यापारिक अनिश्चितताओं ने कीमतों को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोना और चांदी मजबूत हुए, लेकिन बाद में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से तेजी टिक नहीं सकी।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू मांग और वायदा बाजार की गतिविधियों का भी सीधा असर देखने को मिला। शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम से पहले बाजार की नजर अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी।
जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोना और चांदी के दामों में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार की दिशा और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर निवेश करना चाहिए।

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