नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में 1,012 करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त लागत से दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना और देश में इस क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत करना है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि ये दोनों क्लस्टर मनल्लूर और पिल्लापाइक्कम में विकसित किए जाएंगे। मनल्लूर क्लस्टर 474.3 एकड़ क्षेत्र में लगभग 587.47 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा, जबकि पिल्लापाइक्कम क्लस्टर 379.3 एकड़ में 424.55 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को आधुनिक आधारभूत संरचना मिलेगी, नए निवेश आकर्षित होंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पिछले एक दशक में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई), प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में सुधार और अन्य नीतिगत कदमों से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र तेजी से बढ़ा है।
सरकार के अनुसार, भारत अब घरेलू बाजार में बिकने वाले लगभग 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण देश में ही कर रहा है। तमिलनाडु पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन चुका है और नए क्लस्टरों से राज्य की औद्योगिक क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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