7 घंटे की पूछताछ में जमीन धोखाधड़ी, ड्रग्स और सट्टा कनेक्शन की जांच तेज; अब नाना पटवारी की भूमिका पर नजर
प्रणव बजाज
बहुचर्चित ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा और जमीन धोखाधड़ी मामले में बिल्डर और कॉलोनाइजर सुमित मंत्री पुलिस की लंबी पूछताछ के घेरे में रहे। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ में पुलिस ने उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए और शुभम वैली कॉलोनी से जुड़े दस्तावेजों, जमीन सौदों और कथित लेन-देन की जानकारी जुटाई।
पुलिस के अनुसार सुमित मंत्री से मांगे गए करीब 2000 पन्नों के दस्तावेज अब जांच का अहम आधार बन गए हैं। जांच अधिकारी दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों का मिलान शिकायतों, बयानों और अन्य साक्ष्यों से कर रहे हैं।
शुभम वैली के सौदों पर सबसे ज्यादा सवाल
पूछताछ में पुलिस का फोकस शुभम वैली कॉलोनी में हुए प्लॉट सौदों पर रहा। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्लॉट बिक्री की प्रक्रिया किसके माध्यम से हुई, भुगतान किसे किया गया और रजिस्ट्री में देरी या विवाद की स्थिति क्यों बनी।
पायल साहनी का एग्रीमेंट बना जांच की अहम कड़ी
पायल साहनी द्वारा सौंपा गया एग्रीमेंट पुलिस जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसी के आधार पर पुलिस जमीन सौदे, भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
नाना पटवारी की भूमिका पर उठे सवाल
जांच के दौरान सुमित मंत्री से नाना पटवारी की भूमिका को लेकर भी सवाल किए गए। सूत्रों के अनुसार सुमित मंत्री ने किसी भी हस्तक्षेप से इनकार किया, लेकिन पुलिस दस्तावेजों और अन्य बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
अब आगे किस पर कार्रवाई?
पुलिस सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद जमीन धोखाधड़ी मामले में नए प्रकरण और नए नाम सामने आ सकते हैं। जांच की अगली कड़ी में नाना पटवारी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है।
ड्रग्स, सट्टा और जमीन सौदों की इस जांच में अब सवाल सिर्फ एक है—दस्तावेजों में दर्ज दावों और जमीन की हकीकत के बीच कितना अंतर है?

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