इंदौर। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की जांच में इंदौर से लिए गए छह नामी शराब ब्रांडों के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट में कुछ नमूनों को मिथ्याछाप (Misbranded), भ्रामक (Misleading) तथा निकृष्ट गुणवत्ता (Sub-standard) की श्रेणी में रखा गया है। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में किन ब्रांडों के नमूने असफल बताए गए
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार निम्न उत्पादों के नमूने जांच में असफल पाए गए—
एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की
रॉयल चैलेंज व्हिस्की
सेंट्रल प्रोविंस सुपीरियर ग्रेन व्हिस्की
मैकडॉवेल्स नं. 1 सेलिब्रेशन XXX र
बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की
ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम
जांच कैसे हुई?
एफएसएसएआई की टीम ने इंदौर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए। प्रयोगशाला परीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कुछ नमूनों में गुणवत्ता संबंधी कमियां दर्ज की गईं। अधिकारियों के अनुसार संबंधित कंपनियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई संभव है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?
महंगी कीमत हमेशा गुणवत्ता की गारंटी नहीं होती।
केवल अधिकृत दुकानों से सीलबंद बोतल खरीदें।
बोतल की सील, बैच नंबर और निर्माण विवरण अवश्य जांचें।
स्वाद, रंग या गंध में असामान्यता दिखे तो उत्पाद का उपयोग न करें और संबंधित विभाग में शिकायत करें।
बड़े सवाल
क्या बाजार में गुणवत्ता नियंत्रण पर्याप्त है?
क्या नियमित सैंपलिंग सभी ब्रांडों की हो रही है?
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
यदि बड़े ब्रांडों के नमूने असफल हो सकते हैं, तो छोटे ब्रांडों की स्थिति क्या है?
(संपादकीय टिप्पणी)
यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित प्राधिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा। जब तक जांच और सुनवाई पूरी नहीं होती, संबंधित कंपनियों का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।

Post a Comment