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राम मंदिर केस में अयोध्या से लखनऊ तक हड़कंप: SIT की 8 घंटे की जांच, चंपत राय पर लगा करोड़ों की नजूल जमीन का आरोपRam Mandir case stirs from Ayodhya to Lucknow: SIT probes for 8 hours, Champat Rai accused of land grabbing worth crores

 

अयोध्या में स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को कई लोगों से पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी। एसआईटी सोमवार को करीब 7-8 घंटे तक राम मंदिर परिसर में रही थी और मंगलवार पूर्वाह्न 10 बजे से दोबारा जांच शुरू की। सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े 10 से अधिक लोगों से पूछताछ की, जिनमें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी गोपाल राव और कई अन्य प्रमुख लोग शामिल हैं।


पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने ट्रस्ट के अधिकारी पर दर्ज कराई शिकायतएसआईटी सदस्यों और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बीच किसी बातचीत की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच इस मामले में राम शंकर उर्फ टीनू यादव का नाम सामने आया है जिन्होंने मीडिया से बात करते हुए पूरे मामले में अपनी संलिप्तता के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया और खुद को निर्दोष बताया। टीनू यादव ने कहा कि जिस कमरे में नकदी की गिनती हुई, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है और उसके प्रभारी दूसरे लोग हैं। अयोध्या के प्रमुख हिंदू नेता, पूर्व कार सेवक और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ मुख्य आरोपी रहे संतोष दुबे ने मंगलवार को इस मामले में राम जन्मभूमि थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी को मामले में आरोपी बताया है।

संजय सिंह ने शेयर किए पेपर, जांच में जुटी 3 सदस्यीय SITउत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी मंगलवार को राम जन्मभूमि थाने में ऐसी ही एक शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर 24 करोड़ की जमीन खरीदने का आरोप लगाया है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में जमीन के कागजात की फोटो भी साझा की है और आरोप लगाया है कि चंपत राय ने 3 करोड़ रुपए की नजूल भूमि 24 करोड़ में खरीदी। ट्रस्ट के अनुरोध के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था। सरकार के अनुसार, ट्रस्ट ने तथ्यों का पता लगाने और राम मंदिर की छवि खराब करने के प्रयासों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

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