प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आज से ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (BRICS Culture Working Group) की दूसरी बैठक शुरू होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि संस्कृति, विरासत संरक्षण और रचनात्मक उद्योगों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना, साझा विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर तलाशना है। इसके अलावा संग्रहालयों, पुरातात्विक धरोहरों, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और डिजिटल सांस्कृतिक संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श होगा।
संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। प्रतिनिधिमंडलों को वाराणसी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से भी परिचित कराया जाएगा।
ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता सांस्कृतिक सहयोग न केवल आपसी समझ और विश्वास को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन, कला और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए अवसर भी पैदा करेगा। वाराणसी में आयोजित यह बैठक भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को और मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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