जस्टिस जे.के. माहेश्वरी के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पांचवें सदस्य बने, 2027 में बन सकते हैं देश के मुख्य न्यायाधीश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश पी.एस. नरसिम्हा अब देश की सर्वोच्च न्यायिक नियुक्तियों का फैसला करने वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पांचवें सदस्य बन गए हैं। यह जिम्मेदारी उन्हें जस्टिस जे.के. माहेश्वरी के सेवानिवृत्त होने के बाद मिली है। कॉलेजियम में अब मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा शामिल हैं
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3 मई 1963 को हैदराबाद में जन्मे जस्टिस नरसिम्हा ने निजाम कॉलेज से अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन में स्नातक किया। इसके बाद 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्होंने विभिन्न न्यायालयों और न्यायाधिकरणों में वकालत करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में पहचान बनाई। वर्ष 2014 में उन्हें भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र सरकार का पक्ष रखा।
साल 2021 में उन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वरिष्ठता के क्रम के अनुसार उनके अक्टूबर 2027 में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने की संभावना है।

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