नई दिल्ली।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो गया है। चिंताजनक बात यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे "साइलेंट डिजीज" भी कहा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कुछ संकेतों पर समय रहते ध्यान दिया जाए तो गंभीर लिवर रोगों से बचा जा सकता है।
1. लगातार थकान और कमजोरी
यदि पर्याप्त आराम के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है, तो यह फैटी लिवर का शुरुआती संकेत हो सकता है। लिवर के सही तरीके से काम न करने पर शरीर की ऊर्जा प्रभावित होती है।
2. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना फैटी लिवर का संकेत हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
3. अचानक वजन बढ़ना
खासतौर पर पेट के आसपास चर्बी बढ़ना और मोटापा फैटी लिवर का प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। कई मामलों में वजन बढ़ना स्वयं बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
4. भूख कम लगना
यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के भूख कम हो रही है या खाना खाने की इच्छा घट रही है, तो लिवर की जांच कराने की जरूरत हो सकती है।
5. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
कुछ लोगों में फैटी लिवर के कारण मानसिक थकान, ध्यान की कमी और सुस्ती जैसी समस्याएं भी देखी जाती हैं।
6. त्वचा और गर्दन पर काले धब्बे
गर्दन, बगल या शरीर के अन्य हिस्सों पर काले और मोटे धब्बे दिखना इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है, जो फैटी लिवर से जुड़ा हुआ है।
किन लोगों को अधिक खतरा?
मोटापा या बढ़ा हुआ वजन
डायबिटीज के मरीज
हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
अत्यधिक जंक फूड और मीठा खाने वाले
शारीरिक गतिविधि की कमी वाले लोग
बचाव कैसे करें?
✔ नियमित व्यायाम करें
✔ तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों से बचें
✔ वजन नियंत्रित रखें
✔ मीठे पेय और शराब से दूरी रखें
✔ समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं
चेतावनी
फैटी लिवर का लंबे समय तक इलाज न होने पर यह लिवर सिरोसिस, सूजन और गंभीर लिवर रोगों का कारण बन सकता है।

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