मुंबई।
देश विरोधी गतिविधियों और अंडरवर्ल्ड-आतंकी गठजोड़ के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान में हुफैजा नामक संदिग्ध आतंकी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार हुफैजा का संबंध डी-कंपनी और दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले मुन्ना झिंगाड़ा से बताया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुन्ना झिंगाड़ा ने भारत में बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए हुफैजा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी थी। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसका नेटवर्क देश के किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और वह किस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।
अंडरवर्ल्ड और आतंक का खतरनाक गठजोड़
जांच एजेंसियों का मानना है कि डी-कंपनी लंबे समय से अपराध, हवाला, ड्रग्स तस्करी और आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का काम करती रही है। ऐसे में हुफैजा की गिरफ्तारी को केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
कई राज उगल सकता है आरोपी
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के संपर्क किन विदेशी हैंडलरों से थे, उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और क्या वह किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी में शामिल था।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
हाल के वर्षों में भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने अंडरवर्ल्ड और आतंकी संगठनों के बीच मौजूद आर्थिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई तेज की है। माना जा रहा है कि हुफैजा की गिरफ्तारी से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं और डी-कंपनी के सक्रिय मॉड्यूल का खुलासा हो सकता है।
बड़ा सवाल
क्या यह गिरफ्तारी दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क तक पहुंचने का नया रास्ता खोलेगी? क्या देश के भीतर सक्रिय आतंकी और अपराधी गठजोड़ की नई परतें सामने आएंगी?
फिलहाल ATS और स्पेशल सेल की पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े कई बड़े राज उजागर हो सकते हैं।

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