शिकायतों के बाद निगम की बड़ी कार्रवाई, डीएंड अप्रूवल सिस्टम में अनियमितताओं की पड़ताल तेज
इंदौर नगर निगम ने पिछले दो महीनों में स्वीकृत किए गए करीब 400 भवन नक्शों की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं और शिकायतों के सामने आने के बाद की जा रही है। निगम प्रशासन डीएंड (डिजाइन एंड अप्रूवल) व्यवस्था के तहत मंजूर किए गए प्रकरणों की गहन समीक्षा कर रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नक्शों की स्वीकृति निर्धारित नियमों और भवन उपविधियों के अनुरूप दी गई या नहीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी कर नक्शों को मंजूरी दी गई।
निजी इंजीनियरों की भूमिका की भी होगी जांच
निगम ने नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया से जुड़े निजी इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि किसी स्तर पर गलत जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
रिकॉर्ड खंगाल रही निगम टीम
जांच के लिए गठित टीम स्वीकृत नक्शों, तकनीकी रिपोर्टों और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर मौके पर निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि स्वीकृत नक्शों और वास्तविक निर्माण के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।
अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी, नियमों का उल्लंघन या गलत स्वीकृति सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद
निगम प्रशासन का कहना है कि यह कदम भवन अनुमति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इंदौर में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच निगम की इस पहल को भवन अनुमति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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