मेघालय की राजधानी Shillong में आज केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्वोत्तर भारत के विकास से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की विकास रणनीति पर व्यापक चर्चा होगी।
बैठक का मुख्य आकर्षण ‘नॉर्थ ईस्ट विजन प्लान-2047’ रहेगा, जिसके माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र को वर्ष 2047 तक देश के सबसे विकसित और सशक्त क्षेत्रों में शामिल करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
बैठक में पर्यटन, कृषि एवं बागवानी, निवेश, खेल, बुनियादी ढांचा, सड़क एवं रेल संपर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya Scindia, राज्य मंत्री Sukanta Majumdar, पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उत्तर पूर्वी परिषद के सदस्य तथा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को "अष्टलक्ष्मी" के रूप में विकसित करने की नीति पर काम कर रही है। ऐसे में यह बैठक क्षेत्र में निवेश, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्र में लिए जाने वाले निर्णय पूर्वोत्तर भारत के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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