सही निवेश रणनीति और निकासी दर पर निर्भर करती है पूरी आय योजना, विशेषज्ञों ने बताया बैलेंस तरीका
रिटायरमेंट प्लानिंग में अगर सही रणनीति अपनाई जाए तो 1.5 करोड़ रुपए का फंड भी हर महीने नियमित आय का मजबूत स्रोत बन सकता है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस कॉर्पस से लगभग 70,000 रुपए से लेकर 1.2 लाख रुपए प्रति माह तक की इनकम संभव है, जो निवेश के प्रकार, जोखिम क्षमता और निकासी दर (withdrawal rate) पर निर्भर करती है।
कैसे काम करता है यह फंड प्लान?
रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोग अपने फंड से हर साल एक निश्चित प्रतिशत निकालते हैं। इसे “सेफ विड्रॉल रेट” कहा जाता है। आमतौर पर 4% से 8% सालाना निकासी दर को संतुलित माना जाता है।
अगर 1.5 करोड़ रुपए के फंड पर गणना करें तो—
4% सालाना निकासी = लगभग 6 लाख रुपए/साल ≈ 50,000 रुपए/माह
6% सालाना निकासी = लगभग 9 लाख रुपए/साल ≈ 75,000 रुपए/माह
8% सालाना निकासी = लगभग 12 लाख रुपए/साल ≈ 1 लाख रुपए/माह
किन बातों पर निर्भर करती है मासिक आय?
विशेषज्ञों के मुताबिक, रिटायरमेंट इनकम तीन मुख्य चीजों पर निर्भर करती है—
निवेश कहां किया गया है (FD, म्यूचुअल फंड, डेट या इक्विटी)
जोखिम लेने की क्षमता
बाजार का प्रदर्शन और महंगाई दर
सही प्लानिंग क्यों जरूरी है?
अगर निकासी दर बहुत ज्यादा रखी जाए तो फंड जल्दी खत्म हो सकता है, जबकि बहुत कम निकासी से जीवनशैली प्रभावित हो सकती है। इसलिए संतुलित रणनीति बेहद जरूरी है।
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि सही एसेट एलोकेशन और नियमित समीक्षा के साथ यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि रिटायरमेंट के बाद भी स्थिर और सुरक्षित मासिक आय बनी रहे।

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