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नई दिल्ली ।बौद्धिक प्रतिकार
एलपीजी सप्लाई, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और निवेश समझौतों पर रह सकती है खास नजर, वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका होगी मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच पीएम मोदी की यह यात्रा भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होगी, जहां ऊर्जा, व्यापार और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक UAE दौरे के दौरान भारत और यूएई के बीच एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम करार हो सकते हैं। माना जा रहा है कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों को और सुरक्षित बनाने की दिशा में इस यात्रा को महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे मुद्दे भी प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।
बताया जा रहा है कि पांच देशों के इस दौरे के दौरान भारत कई रणनीतिक साझेदारियों को नई दिशा देने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों को सुरक्षित करने के लिए खाड़ी देशों और अन्य रणनीतिक साझेदार देशों के साथ संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। पीएम मोदी की यह यात्रा उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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