बौद्धिक प्रतिकार।
तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग बेहद जरूरी है। हालांकि अधिकांश लोग सनस्क्रीन तो लगाते हैं, लेकिन सही मात्रा की जानकारी न होने के कारण उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार चेहरे और गर्दन के लिए लगभग दो उंगलियों (Two Finger Rule) के बराबर सनस्क्रीन पर्याप्त मानी जाती है। यानी तर्जनी और मध्यमा उंगली पर पूरी लंबाई तक सनस्क्रीन निकालकर चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाना चाहिए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सनस्क्रीन को घर से बाहर निकलने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए, ताकि यह त्वचा पर अच्छी तरह अवशोषित हो सके। यदि आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं या पसीना अधिक आता है, तो हर 2 से 3 घंटे में दोबारा सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
त्वचा की बेहतर सुरक्षा के लिए कम से कम SPF 30 या उससे अधिक क्षमता वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनने की सलाह दी जाती है। यह त्वचा को UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से बचाने में मदद करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चेहरा ही नहीं, बल्कि गर्दन, कान, हाथ और धूप के संपर्क में आने वाले अन्य हिस्सों पर भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। सही मात्रा में और नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से सनबर्न, झाइयों, समय से पहले होने वाली झुर्रियों और त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है।

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