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शराब माफिया की दबंगई से टूटा परिवार! थाने में जहर खाकर दी जान देने की कोशिशA family is torn apart by the alcohol mafia's dominance! A suicide attempt is made by consuming poison in the police station.

 अवैध शराब पकड़वाना पड़ा भारी, धमकियों से परेशान परिवार ने उठाया खौफनाक कदम



धार जिले के मनावर में शराब माफिया की कथित दबंगई और पुलिस की लापरवाही ने एक पूरे परिवार को मौत के मुहाने पर पहुंचा दिया। अवैध शराब तस्करों को पकड़वाने वाले परिवार ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के मैनेजर सूरज रजक और उसके साथियों ने उन्हें लगातार धमकाया, गालियां दीं और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।


पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने सुनवाई करने के बजाय उन्हें ही टाल दिया। इससे आहत होकर परिवार ने थाना परिसर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।


बताया जा रहा है कि ग्राम रामगढ़ निवासी विनोद जायसवाल और उसके परिवार ने कुछ दिन पहले अवैध शराब तस्करी की सूचना देकर दो लोगों को पकड़वाया था। इसके बाद शराब दुकान से जुड़े लोग रात में बोलेरो लेकर उनके घर पहुंचे और पूरे परिवार को डराने-धमकाने लगे। परिवार का आरोप है कि पुलिस के सामने भी धमकियां दी गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।


घटना के बाद पीड़ित परिवार का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने शराब दुकान के मैनेजर, उसके साथियों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।


अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शराब माफिया को किसका संरक्षण मिला हुआ है? यदि पीड़ित परिवार की पहले सुनवाई हो जाती तो क्या यह नौबत आती? थाना परिसर में जहर खाने जैसी घटना ने पुलिस व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 

बड़े सवाल

अवैध शराब के खिलाफ सूचना देना क्या अब जान जोखिम में डालना है?


पुलिस ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की

धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?


क्या शराब माफिया के आगे बेबस है सिस्टम?



घटना के बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों पर केस दर्ज करने की बात कही है, लेकिन पूरे मामले ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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