स्मार्ट सिटी का कड़वा सच, हिट एंड रन और रैश ड्राइविंग में इंदौर ने तोड़े रिकॉर्ड
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ और स्मार्ट शहर के तौर पर पहचान बना चुके इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एनसीआरबी की ‘क्राइम इन इंडिया-2024’ रिपोर्ट ने शहर की सड़कों पर दौड़ रही लापरवाही और मौत बन चुकी रफ्तार का डरावना सच उजागर कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में सड़क हादसों, हिट एंड रन और बेलगाम ड्राइविंग के मामले राष्ट्रीय महानगरों के औसत से कहीं ज्यादा दर्ज किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रैश ड्राइविंग के मामलों में इंदौर की स्थिति देश की राजधानी दिल्ली से भी कई गुना खराब बताई गई है।
तेजी से बढ़ती आबादी, सड़कों पर वाहनों का दबाव और ट्रैफिक नियमों की खुली अनदेखी अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर में बिना हेलमेट, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और रेड सिग्नल तोड़ना आम होता जा रहा है, लेकिन कार्रवाई का असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा।
हर दिन शहर की सड़कों पर हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ चालान और अभियान तक सीमित दिखाई दे रहे हैं। हिट एंड रन के मामलों में भी कई पीड़ित परिवार आज तक इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।
सवाल जो सिस्टम से जवाब मांगते हैं
क्या स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ चमकती सड़कें और होर्डिंग्स हैं?
ट्रैफिक पुलिस की सख्ती आखिर सड़कों पर क्यों नहीं दिखती?
लगातार हादसों के बाद भी प्रशासन की नींद क्यों नहीं खुल रही?
क्या इंदौर की सड़कें अब लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी हैं?
एनसीआरबी रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था पर तुरंत सख्त और ईमानदार कार्रवाई नहीं हुई तो इंदौर की सड़कों पर मौत का यह सिलसिला और भयावह हो सकता है।

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