इन्दौर।बौद्धिक प्रतिकार
तापमान में उतार-चढ़ाव बन सकता है परेशानी की वजह, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम में यह अचानक बदलाव बुज़ुर्गों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान बुज़ुर्गों में सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, सांस की तकलीफ, ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे मौसम में बदलाव का असर जल्दी दिखाई देता है। खासकर डायबिटीज, अस्थमा, बीपी और हृदय रोग से पीड़ित बुज़ुर्गों को इस समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बुज़ुर्गों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए और सुबह-शाम के तापमान में बदलाव से बचना चाहिए। बहुत ठंडी या बहुत गर्म चीजों के सेवन से भी बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना और संतुलित भोजन लेना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों ने यह भी कहा कि बुज़ुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। यदि सांस लेने में तकलीफ, लगातार बुखार, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित दवाइयां समय पर लेना, हल्का व्यायाम करना और पर्याप्त आराम करना बुज़ुर्गों को बदलते मौसम में स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

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