बौद्धिक प्रतिकार
प्रणव बजाज
इंदौर। फर्जी अनुमति से अस्पताल संचालन मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हासानी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच की जिम्मेदारी उपसंचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सोनिया शिरला लाल को सौंपी है। मामला शहर के 30 से ज्यादा अस्पतालों में फर्जी बिल्डिंग परमिशन और दस्तावेजों के आधार पर संचालन से जुड़ा बताया जा रहा है।
मामले को लेकर पहले ही हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। शिकायतकर्ता चंचल शास्त्री ने आरोप लगाया था कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई। आरोपों में लेन-देन और अनियमितताओं की बातें भी सामने आई हैं। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया था, जिसके बाद अब विभागीय जांच शुरू की गई है।
सूत्रों के अनुसार इसी बीच बुधवार को प्रदेश के वरिष्ठ नेता Jagdish Devda की डॉ. हासानी से मुलाकात ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच काफी देर तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस समय हुई यह बैठक कई सवाल खड़े कर रही है।डॉक्टर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन काट दिया
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि हाईप्रोफाइल जांच और बढ़ते दबाव के बीच हुई यह मुलाकात सामान्य नहीं मानी जा रही। फिलहाल इस बातचीत में क्या चर्चा हुई, इसका राज अभी खुलना बाकी है। वहीं विपक्ष भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

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