शैलेंद्र सिंह कुशवाहा उज्जैन
उज्जैन में 11 वर्षीय छात्रा की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। कलेक्टर Roshan Singh के निर्देश पर शहरभर में अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच शुरू की गई, जिसमें बड़ा खुलासा सामने आया है।
जांच के दौरान 38 अस्पताल और क्लिनिक ऐसे पाए गए, जो बिना वैध पंजीयन के संचालित हो रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने सभी को नोटिस जारी कर तत्काल पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। तय समय सीमा में नियमों का पालन नहीं करने पर संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की पांच अलग-अलग टीमें शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार जांच अभियान चला रही हैं। इस दौरान अस्पतालों के दस्तावेज, पंजीयन प्रमाण पत्र और डॉक्टरों की डिग्री तक की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच के दौरान कई जगह ऐसा भी देखने को मिला, जहां टीम के पहुंचने से पहले ही डॉक्टर क्लिनिक बंद कर मौके से गायब हो गए। ऐसे संचालकों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंगलवार को भी शहर में दोबारा व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा।

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