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आंध्र प्रदेश में 15,803 करोड़ की AMCA परियोजना की आधारशिला, 7,500 नौकरियों की उम्मीदFoundation stone laid for Rs 15,803 crore AMCA project in Andhra Pradesh, expected to create 7,500 jobs

 


अमरावती ।बौद्धिक प्रतिकार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आज श्री सत्य साई जिले में करीब 15,803 करोड़ रुपये की एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना के बुनियादी ढांचे की आधारशिला रखी। इस परियोजना से राज्य में 7,500 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायडू ने राज्य के राजस्व को वित्त वर्ष 2026-27 तक 1.27 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।


राज्य का अपना राजस्व में हुई वृद्धि

एक कॉन्फ्रेंस में, मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और मंत्री लोकेश ने परियोजना की आधारशिला रखी। रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने कुछ अन्य रक्षा परियोजनाओं की भी नींव रखी। नेताओं ने बाद में अलग अलग रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री नायडू ने सचिवालय में समीक्षा बैठक की। उन्होंने राजस्व-उत्पादक विभागों को संग्रह मजबूत करने का निर्देश दिया। प्रौद्योगिकी-संचालित प्रणालियों को अपनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य का अपना राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 में 1,04,345 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 1,10,643 करोड़ रुपये हो गया। यह लगभग छह फीसदी की वृद्धि को दिखाता है। नायडू ने कहा कि बढ़ते निवेश से कर राजस्व में आनुपातिक वृद्धि होनी चाहिए।


राजस्व बढ़ाने के उपाय

मुख्यमंत्री ने जिलों को विकास केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि जिला-स्तरीय आर्थिक विस्तार से राजस्व वृद्धि तेज होगी। उन्होंने विभागों को कारोबार करने की गति में सुधार करने का निर्देश दिया। कर चोरी व अनियमितताओं को खत्म करने पर भी जोर दिया। नायडू ने अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित जीएसटी जांच प्रणालियों को लागू करने और राजस्व लीकेज की पहचान के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने का निर्देश दिया।


लाल चंदन के निर्यात पर मूल्यवर्धन पर जोर

नायडू ने खनिजों और लाल चंदन के निर्यात में मूल्यवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर वाहन पंजीकरण पूरा करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने नगरपालिका करों को युक्तिसंगत बनाने को कहा। अनधिकृत निर्माणों की पहचान के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) मैपिंग व ड्रोन सर्वेक्षण का उपयोग करने के निर्देश दिए। भूमि विवादों को सुलझाने से पंजीकरण राजस्व में सुधार हो सकता है।

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