स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब हालात में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माने जाने वाले Strait of Hormuz को लेकर ईरान का रुख पहले के मुकाबले नरम होता दिख रहा है।
दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर असर डालता है। ऐसे में इस मार्ग का खुला रहना पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। ईरान का कहना है कि अगर उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ राहत दी जाती है और क्षेत्र में दबाव कम किया जाता है, तो वह इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करेगा।
वहीं अमेरिका फिलहाल संतुलित रणनीति पर काम कर रहा है। एक तरफ कूटनीतिक बातचीत के संकेत दिए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर क्षेत्र में सैन्य सतर्कता भी बढ़ाई गई है ताकि तेल सप्लाई प्रभावित न हो।
अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहता है तो भारत जैसे देशों को राहत मिल सकती है और तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं और यह मार्ग बाधित होता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से उछाल आ सकता है और महंगाई बढ़ने का खतरा भी रहेगा।
फिलहाल स्थिति नाजुक जरूर है, लेकिन बातचीत के संकेतों से उम्मीद बनी हुई है कि यह अहम समुद्री मार्ग खुला रहेगा और वैश्विक बाजार को राहत मिलेगी।

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