भोपाल। मध्य प्रदेश से जून में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। विधानसभा की मौजूदा स्थिति के हिसाब से कांग्रेस के खाते में एक सीट आ सकती है, लेकिन उसे बचाने के लिए पार्टी ने अभी से घेराबंदी शुरू कर दी है।
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पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने राज्यसभा में प्रदेश के जमीनी नेता को भेजने की मांग उठाई है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी वरिष्ठ नेताओं से लगातार चर्चा कर रहे हैं और अजय सिंह से भी मुलाकात कर चुके हैं।
कांग्रेस के पास एक उम्मीदवार जिताने के लिए सीमित अतिरिक्त विधायक हैं, जिससे पार्टी सतर्क है। दूसरी ओर भाजपा तीसरी सीट पर भी चुनाव लड़ने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार राज्यसभा जाने में रुचि नहीं दिखाई है और एससी वर्ग से उम्मीदवार बनाए जाने की पैरवी की है। इसके अलावा अरुण यादव और मीनाक्षी नटराजन के नाम भी चर्चा में हैं।
कांग्रेस के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ा है। यदि पार्टी अपनी संभावित सीट नहीं बचा पाती है तो इसका असर आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों पर पड़ सकता है।उधर, जीतू पटवारी ने साफ कर दिया है कि उनके पास प्रदेश अध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी है और उसके लिए पूरा समय देना आवश्यक है। पार्टी जब प्रदेश इकाई से परामर्श करेगी तो कार्यकर्ताओं की भावना से अवगत कराया जाएगा।

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