इंदौर। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा है कि अब कांग्रेस की हर मीटिंग की शुरुआत में वंदे मातरम होगा। जिन्हें वंदे मातरम नहीं गाना हो वह कांग्रेस की मीटिंग में नहीं आएं। चौकसे से ने एक बयान में कहा कि देश में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के रूप में वंदे मातरम और जन गण मन को अपनाने का काम कांग्रेस के द्वारा किया गया था।
देश की आजादी के पहले कांग्रेस के हर सम्मेलन में वंदे मातरम का गान होता था। कांग्रेस की छोटी से छोटी बैठक भी वंदे मातरम के उद्घोष के साथ शुरू होती थी। ऐसे में यदि कांग्रेस का कोई व्यक्ति कहता है कि उन्हें वंदे मातरम बोलने में समस्या है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि अब इंदौर में कांग्रेस के हर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के साथ होगी।
धर्म से पहले राष्ट्र सर्वोपरी
हर कार्यक्रम का समापन जन गण मन के साथ होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी को वंदे मातरम कहने में तकलीफ है तो वह कांग्रेस की मीटिंग में नहीं आएं। हमें यह याद रखना होगा कि धर्म की मान्यता से पहले राष्ट्र है और हमें राष्ट्र को सर्वोपरी रखते हुए ही काम करना है। दलीय राजनीति अपनी जगह है लेकिन यह राजनीति भी राष्ट्र से ऊपर नहीं है।
राष्ट्रीयता का भाव रखना और उसे प्रकट करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म हमें अपने देश के सम्मान का गान करने से नहीं रोकता है। हमें यह ध्यान रखना होगा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के प्रति कभी भी हमारे मन में या व्यवहार में असम्मान का भाव नहीं हो।
बुधवार को नगर निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद रुबीना खान ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था। जब कांग्रेस ने उनके बयान ने पल्ला झाड़ा तो पार्षद ने कहा था कि कांग्रेस भाड़ में आए, मेरा उनसे जीवनभर का अनुबंध नहीं है।

Post a Comment