उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। खबरों के अनुसार उन्होंने उन उत्तर कोरियाई सैनिकों की तारीफ की है, जिन्होंने रूस के Kursk क्षेत्र में यूक्रेन के खिलाफ लड़ते हुए पकड़े जाने से बचने के लिए आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि ये सैनिक रूस के समर्थन में चल रहे युद्ध में शामिल थे। युद्ध के दौरान कुछ सैनिकों ने दुश्मन के हाथों कैदी बनने के बजाय खुद को खत्म करना बेहतर समझा। इस पर Kim Jong Un ने इसे वफादारी और देशभक्ति का उदाहरण बताया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान का मकसद सैनिकों में डर और अनुशासन बनाए रखना हो सकता है। उत्तर कोरिया की सैन्य व्यवस्था बेहद सख्त मानी जाती है, जहां नेतृत्व के आदेश सर्वोपरि होते हैं और विरोध या कमजोरी की कोई गुंजाइश नहीं होती।
इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सैनिकों को इस तरह आत्महत्या के लिए प्रेरित करना गंभीर मुद्दा है और यह बुनियादी मानवाधिकारों के खिलाफ है।
रूस-यूक्रेन युद्ध, जिसे Russia-Ukraine War के नाम से जाना जाता है, पहले ही वैश्विक तनाव का कारण बना हुआ है। ऐसे में उत्तर कोरिया की कथित भूमिका और इस तरह के बयान स्थिति को और जटिल बना सकते

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