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बिजली कनेक्शन के सहारे टैक्स बढ़ाने में जुटा इंदौर नगर निगम, संपत्तियों की जांच शुरूIndore Municipal Corporation engaged in increasing taxes with the help of electricity connections, investigation of properties started

 

इंदौर। एमओएस पर टैक्स लगाने के बाद नगर निगम अब बिजली कनेक्शनों के सहारे खजाना भरने की जुगत लगाने में जुटा है। शहर में बिजली कनेक्शनों के सहारे संपत्तिकर चोरी का पता लगाया जा रहा है। नगर निगम ने बिजली कंपनी से व्यावसायिक कनेक्शनों का डेटा लिया है।कंपनी से मिले इस डेटा के आधार पर संपत्तियों की जांच की जा रही है। ऐसे तमाम छोटे-बड़े घर जहां दुकानें व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, जल्द ही नगर निगम अतिरिक्त संपत्तिकर की मांग निकाल सकता है।


बिजली उपभोक्ताओं की संख्या साढ़े सात लाख के करीब

बिजली कंपनी के आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब डेढ़ लाख व्यावसायिक बिजली कनेक्शन हैं। इसके साथ ही पांच हजार से ज्यादा औद्योगिक बिजली कनेक्शन भी हैं। कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या साढ़े सात लाख के लगभग है। क्षेत्र के अनुसार बिजली कंपनी के आंकड़े को नगर निगम ने अपने जोन पर वितरण कर प्रारंभिक रूप से व्यावसायिक कनेक्शनों के आधार पर उन संबंधित संपत्तियों के कर के रिकॉर्ड खंगालने का निर्देश दिया है।

निगम को उम्मीद है कि इसमें बड़े पैमाने पर ऐसे खाते पता चलेंगे जो व्यावसायिक बिजली कनेक्शन चला रहे हैं लेकिन संपत्तिकर घरेलू दर से भर रहे हैं। उम्मीद है कि इसमें कुछ ऐसे संपत्तिधारक भी हो सकते हैं जो रिकार्ड में ही न हों।

30 प्रतिशत का अंतर

घरेलू और व्यावसायिक संपत्तिकर में मोटे तौर पर करीब 30 प्रतिशत का अंतर आता है। शहर में तमाम ऐसे लोग हैं जो घरों से व्यवसाय कर रहे हैं। कई दफ्तर, दुकानें, ब्यूटी पार्लर से लेकर अन्य तरह की गतिविधि घरों से संचालित कर रहे हैं। ऐसे लोगों को विभिन्न व्यावसायिक लाइसेंस, गुमास्ता आदि के लिए व्यावसायिक बिजली कनेक्शन तो लेना ही पड़ता है।बिजली कंपनी भी समय-समय पर ऐसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई कर कनेक्शनों को व्यावसायिक में बदल देती है। इस रेडीमेड डाटा के आधार पर नगर निगम नए संपत्तिधारक मिलेंगे तो सीधे तौर पर उनसे करीब 30 प्रतिशत टैक्स अतिरिक्त वसूली हो सकेगी। बिजली कनेक्शन के आधार पर बीते वर्षों की वसूली भी उन पर निकाली जा सकती है।

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