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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने 135वीं अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में B. R. Ambedkar को श्रद्धांजलि देते हुए महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधायिकाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और लोकसभा में उनके लिए सीटें बढ़ाना सही दिशा में कदम होगा।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि 14 अप्रैल का दिन देश के लिए बेहद अहम है और बाबासाहेब अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण को याद करना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, विज्ञान, स्टार्टअप, कला, साहित्य, खेल और नवाचार जैसे क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने Nari Shakti Vandan Adhiniyam को लेकर कहा कि संसद जल्द ही इससे जुड़े संवैधानिक संशोधन पर चर्चा करेगी और इसे लेकर देशभर में उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं को नीति निर्माण में अधिक भागीदारी मिलने से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य और मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में आजादी के बाद से ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान अधिकार मिले, जबकि दुनिया के कई देशों में इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। Sardar Vallabhbhai Patel के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का विचार नया नहीं है, बल्कि दशकों से इस पर सहमति रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में इस दिशा में प्रयास हुए, लेकिन वे पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। अब समय आ गया है कि इस विषय को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महिला आरक्षण को लागू करने में सहयोग करें।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि जब महिलाएं नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तो देश के विकास की गति और तेज होती है। उनके अनुसार, नारी शक्ति की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।

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