Top News

देवास में फर्जी DIG गिरफ्तार! नीली बत्ती लगाकर झाड़ रहा था रौब, पुलिस ने खोला राजFake DIG Arrested in Dewas! Flaunting Authority with a Blue Beacon; Police Uncover the Truth

 

मध्य प्रदेश के देवास में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। एक युवक खुद को CRPF का DIG बताकर खुलेआम घूम रहा था और लोगों पर रौब जमा रहा था। उसकी कार पर नीली बत्ती लगी थी और बड़े अक्षरों में ‘Police’ लिखा हुआ था, जिससे वह आसानी से लोगों को प्रभावित कर रहा था। देवास फर्जी DIG मामला भी कुछ ऐसा ही निकला, जहां असली पुलिस के सामने आते ही उसकी पूरी कहानी खुल गई और उसकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल पाई।


देवास में फर्जी DIG बनकर कैसे जमा रहा था धौंस

यह घटना रविवार शाम की है, जब देवास बस स्टैंड पर पुलिस जवान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उनकी नजर एक सफेद स्विफ्ट कार पर पड़ी, जिस पर गैर-कानूनी तरीके से नीली बत्ती लगी हुई थी।

पुलिस को शक हुआ और उन्होंने गाड़ी को रोककर पूछताछ शुरू की। कार में बैठा युवक खुद को CRPF का DIG बताने लगा और उसने एक पहचान पत्र भी दिखाया। देवास फर्जी DIG मामला यहीं से संदिग्ध हो गया, क्योंकि उसके हाव-भाव और पहचान पत्र दोनों ही पुलिस को सही नहीं लगे।

असली पुलिस को देखते ही दिखाने लगा रौब

जब पुलिसकर्मियों ने उससे सवाल पूछे, तो वह उल्टा उन पर ही धौंस जमाने लगा। उसने खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा को उसके व्यवहार पर शक हो गया। उन्होंने तुरंत उसे थाने ले जाकर गहराई से पूछताछ करने का फैसला किया।

पूछताछ में खुली पूरी सच्चाई

थाने में कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी की सच्चाई सामने आ गई। जांच में पता चला कि वह न तो कोई DIG है और न ही किसी सरकारी विभाग से उसका कोई संबंध है। पुलिस ने उसके पास से एक नकली पहचान पत्र और वर्दी से जुड़ी सामग्री भी बरामद की है। आरोपी की पहचान सौरभ राणा के रूप में हुई है, जो भोपाल के बाग मुगलिया इलाके का रहने वाला है और उसका मूल निवास सागर जिले में बताया गया है। देवास फर्जी DIG मामला पूरी तरह से एक सुनियोजित धोखाधड़ी का हिस्सा था, जिसमें आरोपी ने लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की।

Post a Comment

Previous Post Next Post