उज्जैन शैलेंद्र सिंह कुशवाहा
मध्य प्रदेश के उज्जैन के टॉवर चौक स्थित Lenskart स्टोर से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
बताया जा रहा है कि कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्टोर पहुंचकर कर्मचारियों को तिलक लगाया और उनके हाथों में कलावा (मौली) बांधा। इस दौरान इसे “सांस्कृतिक पहल” बताया गया, जबकि कुछ लोगों ने इसे कर्मचारियों पर दबाव बनाने की घटना के रूप में देखा।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों की शुरुआत प्रदेश के अन्य शहरों से होने की बात भी कही जा रही है, जिसके बाद उज्जैन में यह मामला सामने आया।
घटना के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। एक पक्ष इसे भारतीय परंपरा और पहचान से जोड़कर देख रहा है, तो वहीं दूसरा पक्ष कार्यस्थल की स्वतंत्रता और पेशेवर माहौल पर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई या बयान की पुष्टि नहीं हुई है।
यह पूरा विवाद अब “संस्कृति बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता” की बहस का रूप लेता जा रहा है, और लोगों की राय इस पर बंटी हुई नजर आ रही है।

Post a Comment