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गेहूं खरीदी को लेकर मंडियों से लेकर सियासी गलियारों तक बवाल,गुना मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार Chaos erupts from markets to political circles over wheat procurement, with a queue of tractor-trolleys in Guna Mandi.




मध्य प्रदेश में किसानों से सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर मंडियों से लेकर सियासी गलियारों में बवाल मचा है. राज्य सरकार ने एक अप्रैल से होने वाली खरीदी की तारीख दस दिन बढ़ा दी. दलील दी गई कि युद्ध की वजह से वारदाना आने में देरी हुई. कांग्रेस का आरोप है कि इससे किसान परेशान हैं. अब इस मुद्दे पर जमकर सियासत हो रही है.

गुना की मंडी में गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लगी हुई है. हजारों की तादाद में ट्रॉलियों की आवक हो गई, लेकिन किसानों को अच्छे दाम नहीं मिले, तो हंगामा हो गया. मेहनत से उगाई गेहूं की फसल का वाजिब दाम ना मिलने से गुस्साए किसान सड़क पर उतर आए. नेशनल हाईवे पर चक्का जाम भी कर दिया. पुलिस को प्रदर्शनकारी किसानों को दौड़ा दौड़ाकर सड़क से हटाना पड़ा. किसानों के मुताबिक 3200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहे गेहूं के दाम 2600 रुपए तक गिर गए हैं. अब इस पर जमकर सियासत हो रही है. कांग्रेस की तरफ से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनका बीजेपी ने करारा जवाब दिया है.


उमंग सिंघार ने लगाया आरोपविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एमपी सरकार किसानों से उनका हक छीनना चाहती है. सरकार के कर्म किसान हित में नहीं है. बीजेपी का किसान संघ और आरएसएस चुप क्यों बैठे हैं? क्या वो अपनी सरकार पर दबाव नहीं बन सकते हैं. सरकार में रहते हुए आप किसानों के हित क्यों भूल जाते हैं?

गोविंद राजपूत ने दिया करारा जवाबमध्य प्रदेश सरकार में खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है. सरकार एक-एक दाना किसान का खरीदेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने ये फैसला लिया है कि पिछले साल 76 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की अनुमति थी हमने खरीदा. इस बार हम 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेंगे. कोई दिक्कत नहीं है. समस्या जो आई वो बोरे या वारदाने की थी. वारदाना नहीं मिल रहा था. वारदाना कोलकाता से आता है. नहीं आ पाया. सबको पता है. युद्ध की स्थिति है. वारदाना आने में परेशानी हुई. अब पर्याप्त मात्रा में वारदाना है. पर्याप्त मात्रा में भंडारण क्षमता है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने का कोई आधार ही नहीं है. कांग्रेस सरकार के समय कभी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया क्या? समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने की शुरुआत हमारी बीजेपी की सरकार ने की. सात तारीख से स्लॉट बुक करना शुरू करा दिए हैं और नौ तारीख से खरीदी शुरू हो जाएगी. पहले कुछ संभागों में फिर बाकी संभागों में सरकार की दी गई तारीख के अनुसार खरीदी होगी.

जीतू पटवारी पर साधा निशानाउन्होंने कहा कि जीतू पटवारी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, तो उनको पता होना चाहिए कि ये विभाग शिवराज सिंह चौहान के पास नहीं है. वो कृषि मंत्री हैं. ये तो केंद्रीय मंत्री जोशी जी हैं, जो खाद्य मंत्री हैं. शिवराज सिंह जी की मंशा साफ है. डॉक्टर मोहन यादव की मंशा साफ है. प्रदेश की बीजेपी सरकार की मंशा साफ है. किसान का गेहूं हम 2625 रुपए में यानि 40 रुपए अतिरिक्त दे रहे हैं और किसान खुश है. युद्ध की हालत सबको पता है. हमारा गेहूं बाहर निर्यात नहीं हो पा रहा है. लेकिन बड़ी कंपनियों से बात चल रही है, जो गेहूं खरीदेंगी. जिससे किसान को वाजिब दाम भी मिलेंगे.

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