Top News

उज्जैन में मनरेगा भुगतान संकट: 8 माह से वेतन नहीं, अधिकारी 2 दिन के सामूहिक अवकाश परMNREGA Payment Crisis in Ujjain: No Wages for 8 Months; Officials on 2-Day Mass Leave

 

उज्जैन शैलेंद्र सिंह कुशवाहा

उज्जैन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले संविदा अधिकारी, कर्मचारी और उपयंत्री सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। लंबे समय से ये कम वेतन मिलने से परेशान हैं, जिससे आक्रोशित होकर इन्होंने ये निर्णय लिया है। अपनी मांगों को लेकर इन्होंने 16 और 17 अप्रैल को दो दिवसीय सांभर का अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है।


इस दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जिले का समस्त तकनीकी अमला और अधिकारी कर्मचारी जाने वाले हैं। इससे मनरेगा का काम प्रभावित होने की बात कही जा रही है। चलिए पूरा मामला जान लेते हैं।

सामूहिक अवकाश मनरेगा कर्मचारी

इस संबंध में मनरेगा अभियंता संघ मध्य प्रदेश की ओर से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को यह सूचना दी गई है कि जनपद पंचायत में जितने उपेंद्र कार्य कर रहे हैं उन्हें 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। इस वजह से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पारिवारिक दैनिक खर्च, बच्चों की फीस और इलाज जैसे खर्चे पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक अस्थिरता की वजह से कर्मचारी मानसिक तनाव में है और उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।

आंदोलन पर उतरे अधिकारी कर्मचारी

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के बावजूद भी उन्होंने जल गंगा संवर्धन योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम करते हुए जिले को बेहतर प्रदर्शन दिलाने में अपना योगदान दिया है। इसके बावजूद भी उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में उप यंत्री और समन्वयक भी उनके साथ दे रहे। प्रांतीय स्तर पर भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। पदाधिकारी की ओर से ही स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि वेतन का भुगतान नहीं होता है तो सभी संविदा अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे जिससे कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post