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मप्र में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार: 7,103 किसानों से 30,619 मीट्रिक टन उपार्जन, 15 अप्रैल से पूरे प्रदेश में अभियान तेजWheat Procurement Gains Momentum in MP: 30,619 Metric Tons Procured from 7,103 Farmers; Campaign to Intensify Across the State from April 15

मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 9 अप्रैल 2026 से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है। अबतक 7103 किसानों से 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 7 अप्रैल 2026 से अबतक 1 लाख 75 हजार 475 किसानों द्वारा 7 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।


खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन शुरू किया जायेगा। प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल और राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।

बता दें कि इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

मंत्री राजपूत ने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है।

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