इंदौर। शहर के सबसे ऊंचे डबल डेकर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल हुई है। लवकुश चौराहे पर 65 मीटर लंबी और करीब 400 टन वजनी बो स्ट्रिंग (गर्डर) सफलतापूर्वक स्थापित कर दी गई है, जिससे अब पूरे स्ट्रक्चर का आकार साफ दिखाई देने लगा है।
पहली बो स्ट्रिंग की सफल लांचिंग के बाद इसे दूसरी भुजा की ओर शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि दूसरी बो स्ट्रिंग का निर्माण तेजी से जारी है। अगले माह इसके भी स्थापित होने के बाद मुख्य चौराहे का ढांचा पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में पहली बार शहर में जेक पुश तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें भारी-भरकम गर्डर को ऊपर ही असेंबल कर धीरे-धीरे तय स्थान तक धकेला गया। 23 मीटर की ऊंचाई पर इस तरह का कार्य इंजीनियरिंग के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1452 मीटर है और मुख्य चौराहे पर दो बो स्ट्रिंग लगाई जानी हैं। उज्जैन–सांवेर रोड की भुजा का काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है। निर्माण के दौरान 900 टन क्षमता की क्रेनों का उपयोग किया गया, जिसमें 600 टन और 300 टन की क्रेन मिलाकर भारी संरचना को संभाला गया।
पूरे प्रोजेक्ट में कुल 247 सेगमेंट लगाए जा रहे हैं, जिनमें हर एक का वजन करीब 120 टन है। एक स्पान में 13 सेगमेंट जोड़े जा रहे हैं और पूरे स्ट्रक्चर का कुल वजन लगभग 30 हजार टन तक पहुंच रहा है।
अब अगले चरण में स्लैब डालने का काम शुरू होगा। वहीं, दूसरी बो स्ट्रिंग की लांचिंग अगले महीने प्रस्तावित है। इसके पूरा होते ही लवकुश चौराहे का मुख्य स्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा और इंदौर को एक और आधुनिक ट्रैफिक समाधान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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