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होर्मुज संकट: 6 महीने तक बंद रह सकता है अहम समुद्री रास्ताHormuz Crisis: Key Sea Route Could Remain Closed for 6 Months

 

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया है कि ईरान द्वारा समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने में करीब 6 महीने का समय लग सकता है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अहम समुद्री मार्ग में 20 से ज्यादा माइंस होने की आशंका है। खास बात यह है कि कुछ माइंस को GPS तकनीक के जरिए दूर से तैनात किया गया है, जिससे उन्हें ढूंढना और निष्क्रिय करना बेहद कठिन हो गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और LNG सप्लाई गुजरती है। ऐसे में इसका लंबे समय तक बंद रहना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि माइंस नहीं हटाए गए तो उसे “अभूतपूर्व परिणाम” भुगतने होंगे। वहीं ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि देश ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है।

हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्थिति इतनी जटिल है कि ईरानी सेना खुद भी सभी माइंस की सटीक लोकेशन ट्रैक नहीं कर पा रही है। दूसरी ओर पेंटागन ने लीक हुई रिपोर्ट्स पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह क्लासिफाइड जानकारी का हिस्सा थी और इसे सार्वजनिक करना उचित नहीं है।

ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका की ओर से नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वह इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए तैयार नहीं है। इसी बीच यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा 31 जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए जाने की भी खबर है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।

 कुल मिलाकर, होर्मुज में बना यह गतिरोध केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर गहरा असर डाल सकता है, और आने वाले महीनों में इसकी गूंज पूरी दुनिया में महसूस हो सकती है।

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