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शिक्षा विभाग से बर्खास्त कर्मचारी का 'कांड', विधानसभा में एक लाख रुपये की नौकरी का सपना दिखाकर ऐंठे 1.50 लाख रुपये'Scandal' Involving a Dismissed Education Department Employee: Swindled ₹1.50 Lakhs by Promising a ₹1 Lakh Job in the Legislative Assembly

 

भोपाल। शिक्षा विभाग से बर्खास्त एक कर्मचारी ने विधानसभा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन बेरोजगार युवकों को ठगी का शिकार बना लिया। आरोपित ने बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी और आकर्षक वेतन का झांसा दिया। इसके लिए 1.70 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पीड़ित युवकों ने 50-50 हजार रुपये एडवांस में दिए।


वहीं बाकी रकम नौकरी के बाद तय की गई। ठगी की रकम लेने से पहले आरोपित ने भरोसा जीतने के लिए युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड तक तैयार कर दे दिए थे, लेकिन ज्वॉइनिंग के दौरान पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।

श्यामलाहिल्स थाना पुलिस के अनुसार, कोटरा सुल्तानाबाद निवासी विशाल यादव (25) की पहचान करीब चार साल पहले मोनू उर्फ मानवेन्द्र तोमर से हुई थी। मानवेंद्र टीटीनगर थाना क्षेत्र में रहता है। वह शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति पर था। लंबे समय पहले विभाग से उसे बर्खास्त किया गया था।

आरोपित ने खुद को प्रभावशाली बताकर विशाल और उसके परिचित अरबाज खान व घनश्याम यादव को विधानसभा में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। उसने तीनों से कुल 1.70 लाख रुपये में सौदा तय किया और प्रत्येक से 50-50 हजार रुपये नकद वसूल लिए। बाकी रकम नौकरी लगने के बाद देने की बात कही गई। साथ ही हर महीने एक लाख रुपये वेतन का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया

रुपये ऐंठने से पहले आरोपित ने तीनों को फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र थमा दिए। 21 अप्रैल को वह उन्हें ज्वॉइनिंग के लिए माता मंदिर के पास बुलाकर विधानसभा ले गया। यहां सुरक्षा जांच के दौरान जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई, तो वे पूरी तरह फर्जी निकले और तीनों को गेट पर ही रोक दिया गया। तभी पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ितों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

आरोपित से जवाब मांगने पर वह गोलमोल बातें करता रहा। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। श्यामलाहिल्स थाना प्रभारी नीलम पटवा के अनुसार मंगलवार को केस दर्ज किया गया था। आरोपित मानवेंद्र को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपित पहले शिक्षा विभाग में कार्यरत था, लेकिन उसे बर्खास्त कर दिया गया था। फिलहाल बर्खास्तगी कब और क्यों हुई इसे लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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