स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारतीय तेल टैंकरों पर फायरिंग की घटना के बाद भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बयान देते हुए कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते हजारों साल पुराने हैं और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को संवाद और समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, होर्मुज के पास हाल ही में भारतीय जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर डाल सकता है।
भारत ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि उसके जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही, भारत ने ईरान से इस तरह की घटनाओं को रोकने और सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के जरिए ईरान ने तनाव कम करने और संबंधों को संतुलित बनाए रखने का संकेत दिया है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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