इंदौर : मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर हर दिन सवाल उठने लगे हैं. पुलिस कस्टडी में मौत के मामलों के साथ अब पुलिस की मनमर्जी और गुंडागर्दी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं. ताजा मामला इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र का है, जहां पदस्थ पांच पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर ने पद व पावर का दुरुपयोग करने के मामले में सस्पेंड कर दिया है.
खाली घर का दरवाजा तोड़ अंदर घुसे थे पुलिसकर्मी
आरोप हैं कि पांच पुलिसकर्मी एक रिटायर्ड एसीपी के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंचे थे. जब घर पर ताला मिला तो पुलिस कर्मियों द्वारा घर का दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया, इसके बाद फरियादी द्वारा इस मामले की शिकायत पुलिस को की गई, जिसके बाद पुलिस ने पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी है.
रिटायर्ड एसीपी ने दर्ज कराई थी शिकायत
लसूड़िया थाना पुलिस को पिछले दिनों एक रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता द्वारा शिकायत करते हुए जानकारी दी गई थी कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. एसीपी ने आरोप लगाया था कि वॉटर प्लांट डालने के लिए थाना क्षेत्र में रहने वाले गौरव जैन के साथ उन्होंने करार किया था. करार करने के साथ ही उन्होंने गौरव को 27 लाख 50 हजार रुपए भी दिए थे. लेकिन कुछ दिनों तक गौरव जैन ने फैक्ट्री चलाई और उसके बाद वह फैक्ट्री में लगाया हुआ फर्नीचर व अन्य सामान लेकर फरार हो गया.
जांच और गिरफ्तारी के नाम पर पुलिस की गुंडागर्दी
धोखाधड़ी के मामले में जब एसीपी द्वारा कोर्ट में परिवाद दायर किया गया तो वहां से नोटिस मिलने के बाद लसूड़िया पुलिस गौरव जैन को पकड़ने उसके घर पहुंची. यहां घर पर ताला लगा होने के बावजूद एसआई संजय वैष्णव, हैड कॉनस्टेबल प्रवीण भदौरिया, कॉनस्टेबल रविंद्र कुशवाह, दीपेंद्र मिश्रा और दिनेश गुर्जर द्वारा घर का दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया और गौरव जैन को पकड़कर थाने ले गए.
इसके बाद गौरव जैन की पत्नी ने पुलिसकर्मियों के बिना अनुमति घर में घुसने की जानकारी इंदौर पुलिस कमिश्नर को दी. पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, '' आरोपी की पत्नी ने घर के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे हैं, जिसके बाद नियम विरुद्ध आचरण करने और बिना अधिकारियों के निर्देश, इस तरह की कार्रवाई पर पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है.''

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