महाराष्ट्र के चर्चित मालेगांव ब्लास्ट (2006) मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आखिरी चार आरोपियों को भी राहत दे दी है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत पेश नहीं कर सका।
इस फैसले के तहत जिन आरोपियों को राहत मिली है, उनमें लोकेश शर्मा, राजेश चौधरी, मनोज शर्मा और धनसिंह शामिल हैं।
इन सभी के बरी होने के बाद अब इस मामले में कोई भी आरोपी ट्रायल का सामना नहीं कर रहा है, जबकि 2006 के इस धमाके में 30 से अधिक लोगों की जान गई थी। अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग जांच में विरोधाभास रहे, जिससे मामला कमजोर हुआ।
यह फैसला एक बार फिर इस बहुचर्चित केस को सुर्खियों में ले आया है, जहां एक तरफ आरोपियों को राहत मिली है, वहीं पीड़ितों को न्याय मिलने को लेकर बहस तेज हो गई है।

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