मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के अंतर्गत आने वाले जावरा में बीते ढाई माह के भीतर पुलिस के हत्थे एमडी ड्रग बनाने की दूसरी बड़ी फैक्ट्री हाथ लगी है। पुलिस ने बीती रात इसका भंडाफोड़ कर दिया है। महू - नीमच हाईवे से लगे हुए पिपलोदा थाने के गांव बोरखेड़ा गांव से करीब 3 किलोमीटर अंदर एक तालाब के पीछे पोल्ट्री फॉंर्म की आड़ में ये ड्रग फैक्ट्री चलाई जा रही थी। इसका मास्टर माइंड देवल्दी प्रतापगढ़ में रहने वाला जमशेद खान उर्फ सेठ उर्फ डॉक्टर पिता अफजल खान (42) बताया जा रहा है।
पुलिस ने यहां से तीन अन्य आरोपियों के साथ ही 175 किलोग्राम से ज्यादा विभिन्न तरह का केमिकल जब्त किया है। जानकारों के अनुसार, इस केमिकल का पूरा इस्तेमाल करके एमडी ड्रग बनाई जाती तो इसकी मात्रा चार किलो के आसपास होती, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 4 करोड़ है।
पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
बताया ये भी जा रहा है कि, एमडी ड्रग बनाने के बाद देश के विभिन्न शहरों में भेजी जानी थी। पुलिस दबिश के ठीक एक दिन पहले ही सोमवार को जमशेद और उसके साथी किसी पार्टी को तीन किलो एमडी ड्रग की सप्लाई कर चुके थे। पकड़े गए केमिकल से वे चार किलो एमडी ड्रग की नई खेप तैयार करने में जुटे थे। यहां से जब्त केमिकल, एमडी ड़्ग समेत अन्य सामान की कीमत करीब 80 लाख रुपए है। सभी आरोपियों को दोपहर बाद जावरा की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 6 अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
तीन अन्य आरोपी भी पकड़ाए
एसपी अमित कुमार ने बताया कि, बीती रात पुलिस ने दबिश देकर इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया है। मुख्य आरोपी जमशेद के साथ ही उसके तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जबोरखेड़ा गांव का चौकीदार (कोटोवार) युसूफ पिता शमशेर खान (45) निवासी बोरखेड़ा भी शामिल पाया गया है। दो अन्य साथियों में सलीम उर्फ राजू पिता अहमद खान (40) निवासी बन्नाखेड़ा और रांकोदा में रहने वाला रईस पिता असलम खान (35) शामिल है।

Post a Comment