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सिंहस्थ 2028: उज्जैन में 20 हजार करोड़ के महायोजना पर सरकार फुल एक्शन मोड में, सीएम मोहन यादव खुद संभाल रहे कमानSimhastha 2028: Government in Full Action Mode on ₹20,000 Crore Master Plan for Ujjain; CM Mohan Yadav Personally Taking Charge

 

उज्जैन। Simhastha 2028 को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। इस बार सिंहस्थ को भव्य और विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। खास बात यह है कि पूरे प्रोजेक्ट की कमान सीधे मुख्यमंत्री Mohan Yadav के हाथों में है, जिससे इसकी प्राथमिकता और गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े सभी बड़े प्रोजेक्ट्स और टेंडर को अंतिम मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव सभी विभागों—लोक निर्माण, जल संसाधन और नगरीय प्रशासन—के बीच समन्वय स्थापित कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर Ujjain कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर टेंडर प्रक्रिया और कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मेला क्षेत्र से जुड़े विशेष कार्यों पर नजर रखे हुए हैं।

अब तक करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है और कई टेंडर जारी या आवंटित हो चुके हैं। जल संसाधन विभाग के तहत Kshipra River के तट पर 29 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण और कान्हा डायवर्जन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के चौड़ीकरण, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के विकास के टेंडर आवंटित किए जा चुके हैं।

इसके अलावा स्मार्ट सिटी और नगर निगम द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, वीएमएस (Variable Message Signs) जैसी सुविधाओं के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 550 बिस्तरों वाले अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन को मंजूरी दी है, जबकि परिवहन विभाग द्वारा लॉजिस्टिक्स और वाहनों की व्यवस्था का काम भी पूरा किया जा चुका है।

पूरे सिंहस्थ के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से करीब 20,000 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसमें से लगभग 6,000 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। उज्जैन में गुजरात के कच्छ के रण उत्सव की तर्ज पर एक विश्वस्तरीय टेंट सिटी विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है, जिसका टेंडर जल्द जारी होने की संभावना है।

कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए चार सैटेलाइट रेलवे स्टेशन और इंटरनेशनल एयरपोर्ट या हेलीपैड विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया है।

सरकार का लक्ष्य है कि 2027 की दीपावली तक सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि सिंहस्थ शुरू होने से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच हो सके। कुल मिलाकर इस बार सिंहस्थ 2028 को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के बड़े मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

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